तत्सम्-तद्भव्
विकास के आधार पर शब्द-
विकास के आधार पर शब्दों को निम्न श्रेणियों में बाँटा गया है-
- तत्सम शब्द
- तद्भव शब्द
- देशज शब्द
- विदेशज शब्द
1. तत्सम् शब्द-
ऐसे संस्कृत शब्द जो अपने मूल स्वरूप में हिंदी भाषा में प्रचलित हैं, तत्सम् शब्द कहलाते हैं। जैसे- मित्र, राजा, पिता, अग्नि, वायु, वत्स, भ्राता इत्यादि ।
( तत्सम् शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है और दो शब्दों ‘तत्'(उसके) और सम्(समान) से मिलकर बना है)
अतः ऐसे शब्द जो संस्कृत भाषा से हिंदी भाषा में जस के तस प्रयुक्त होते हैं। केवल उनके विभक्ति चिन्ह हटा दिए जाते है।
(संस्कृत – तत्सम्)
- कर्पूरः – कपूर
- फलम् – फल
अर्ध तत्सम् शब्द-
संस्कृत शब्दों से थोड़ा परिवर्तित होकर हिंदी में आये शब्दों को अर्ध तत्सम् शब्द कहते हैं।
- कार्य – कारज
- धैर्य – धीरज
2. तद्भव् शब्द-
ऐसे संस्कृत शब्द जो कुछ परिवर्तित होकर हिंदी भाषा में प्रचलित हैं, तद्भव् शब्द कहलाते हैं।
( तद्भव् शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है और दो शब्दों ‘तत्'(उसके) और भव(उत्पन्न) से मिलकर बना है)
अतः ऐसे शब्द जो संस्कृत भाषा से परिवर्तित होकर हिंदी भाषा में आये हैं तद्भव् शब्द कहलाते हैं।
- पर्यंक – पलंग
- अग्नि – आग
('तत्सम्' व 'तद्भव्' पहिचान के नियम)-
1. तत्सम पहिचान की ट्रिक/नियम-
- यदि शब्द में संयुक्त व्यंजन उपस्थित हो (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) तो वह तत्सम् होता है। (जैसे- क्षत्रिय, पत्र, ज्ञान, श्रावण इत्यादि)
- यदि शब्द में र की मात्रा (रेफ, पदेन) ऊपर या नीचे लगी हो तो वह शब्द तत्सम् होता है। (जैसे- चूर्ण, पर्यंक, सूर्य, छिद्र, ग्राहक, धूम्र इत्यादि)
- अधिकतर तत्सम शब्दों में ष (मूर्धन्य) और श (तालव्य) का प्रयोग होता है। (जैसे- कृषक, कुष्ठ, शुष्क, शर्करा इत्यादि)
- तत्सम शब्दों में व का प्रयोग होता है। और इन्हें तद्भव में परिवर्तित करते समय यह ब में बदल जाता है
- वत्स – बच्चा
- वायु – बयार
- वगुला – बगुला
- विवाह – ब्याह
2. तद्भव् पहिचान की ट्रिक/नियम-
- आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग होने वाले और आसान लगने वाले अधिकतर शब्द तद्भव् होते हैं।
- जिस शब्द के ऊपर चन्द्रबिन्दु (ँ) हो वह हमेशा तद्भव् होता है। (जैसे- ऊँचा, धुआँ, ताँबा, हँसी, साँसे इत्यादि)
- तत्सम् से तद्भव् में परिवर्तन करते समय “क्ष” अक्षर “ख“ या “छ“ में बदल जाता है।
- भिक्षा – भीख
- पक्ष – पंख
- अक्षत – अच्छत
- लाक्षा – लाख
- स्वसुर – ससुर
- शिक्षा – सीख
- शाक – साग
- श्यामल – साँवला
- शय्या – सेज
( "तत्सम्" और "तद्भव्" शब्द) -
तत्सम् – तद्भव्
(अ, आ,ओ, औ)
अश्रु – आँसू
अंगरक्षक – अंगरखा
अंक – आँख
अध्य – आज
अपूप – पूआ
अंजलि – अंजुरी
अभीर – अहीर
अम्बा – अम्मा
अष्ट – आठ
अक्षर – आखर
अवतार – औतार
अट्टालिका – अटारी
अक्षत – अच्छत
अंगुष्ट – अँगूठा
अर्द्धतृतीय – ढाई
अगम्य – अगम
अँगुली – उँगली
अग्नि – आग
अज्ञान – अजान
अस्थि – हड्डी
अष्ठादश – अठारह
अशीति – अस्सी
अलग्र – अलग
अर्पण – अरपन
अर्द्ध – आधा
अम्लिका – इमली
अमृत – अमिय, अमी
अमूल्य – अमोल
अमावस्या – अमावस
अन्यत्र – अनत
अन्न – अनाज
अज्ञानी – अनजान
अगणित – अनगनित
अक्षि – आँख
अंचल – आँचल
आम्र – आम
आशिष – असीस
आश्रय – आसरा
आदित्यवार – एतवार
आषाढ़ – असाढ़
आश्चर्य – अचरज
आलस्य – आलस
आम्रचूर्ण – अमचूर
आमलक – आँवला
आखेट – अहेर
ओष्ठ – ओंठ, होंठ
(इ, ई, उ, ऊ)
इक्षु – ईख
इष्टिका – ईंट
उलूक – उल्लू
उष्ट्र – ऊँट
उन्मना – अनमना
उच्च – ऊँचा
उपवास – उपास
उद्वर्तन – उबटन
उज्ज्वल – उजाला
उत्साह – उछाह
ऊर्ण – ऊन
(ऋ, ए, ऐ)
एकादश – ग्यारह
एवम – यों
ऋक्ष – रीछ
ऋषि – रईसी
तत्सम् – तद्भव्
(क)
कर्पूर – कपूर
कर्ण – कान
काष्ठगृह – कटघरा
काष्ठ – काठ
कोकिल – कोयल
कर्म – काम
कूप – कुआँ
कातर – कायर
कुठार – कुल्हाड़ा
काक – काग
कज्जल – काजल
कुंभकार – कुम्हार
कोटि – करोड़
कारवेल – करेला
कूट – कूड़ा
काया – काय
कुष्ठ – कोढ़
कार्य – काज
कपाट – किवाड़
कुक्कुर – कुकुर/कुत्ता
कुक्षि – कोख
केतक – केवड़ा
कंकण – कंगन
कांचन – कंचन
कंदुक – गेंद
कंटफल – कटहल
कंटक – काँटा
कंकती – कंघी
क्लेश -कलेश
क्रुद्ध – क्रोधी
कोष्ठिका – कोठी
कोण – कोना
कोद्रव – कोंदो
केवर्त – केवट
केदारिका – क्यारी
कृष्ण – किसन
कृपा – किरपा
कृत्यगृह – कचहरी
कूर्चिका – कूँची
कुषमांड – कुम्हड़ा
कुंभकर – कुम्हार
कुमारी – कुँवारी
कुमार – कुँवर
कुब्ज – कुबड़ा
कुपुत्र – कपूत
कुटुम्ब – कुटुम
कीट – कीड़ा
किरण – किरन
किंचित – कुछ
काष्ठपुत्तलिका -कठपुतली
कार्तिक – कातिक
काच – काँच
काक – कौआ
काँस्यकर – कसेरा
कर्पास – कपास
कर्पट – कपड़ा
कर्तव्य – करतब
कर्ण – कान
कर्कट – केंकड़ा
कमल – कँवल
कपोत – कबूतर
कपर्दिका – कोड़ी
कदली – केला
कति – कई
कटु – कड़वा
कच्छप – कछुआ
तत्सम् – तद्भव्
(ख)
खर्पर – खपरा
खर्जूर – खजूर
खटवा – खाट
खंडगृह – खंडहर
(ग)
गंभीर – गहरा
गोधूम – गेहूं
गर्दभ – गदहा/ गधा
ग्राम – गाँव
गणन – गिनना
गणना – गिनती
गात्र – गात
ग्राहक – गाहक
गौरी – गोरी
गिद्ध – गीध
गर्भिणी – गाभिन
ग्रीष्म – गर्मी
ग्रीवा – गर्दन
ग्रन्थि – गाँठ
गौ – गाय
गोस्वामी – गुसाई
गोमय – गोबर
गोत्र – गोत
गैरिक – गेरू
गृह – घर
गर्गर – गागर
गर्जन – गरज
गायक – गवैया
गुहा – गुफा
गृद्ध -गिद्ध
(घ)
घृणा – घिन
घोटक – घोड़ा
घट – घड़ा
धरित्री – धरती
घृत – घी
घटिका – घड़ी
(च)
चन्द्र – चाँद
चर्मकार – चमार
चित्रक – चीता
चंचु – चोंच
चूर्ण – चूना
चटका – चिड़िया
चक्रवात – चकवा
चतुर्दश – चौदह
चरित्र – चरित
चक – चाक
चक्र – चक्का
चतुर्थ – चौथा
चतुर्विश – चौबीस
चौर – चोर
चैत्र – चैत
चित्रकार – चितेरा
चिक्कण – चिकना
चवर्ण – चबाना
चर्म – चाम
चरण – चरन
चतुष्पद – चौपाया
चतुष्कोण – चौकोर
(झ)
झरन – झरना
तत्सम् – तद्भव्
(छ)
छिद्र – छेद
छाया – छाँह
छत्र – छाता
छेदनी – छेनी
(ज)
जमाता – जमाई
जव – जौ
जिह्वा – जीभ
ज्योति – जोत
जेष्ठ – जेठ
जंघा – जाँघ
जन्म – जनम
जुष्ठ – झूठा
(ट, ड, त)
तीक्त/तिक्त – तीता
टंकसाला – टकसाल
तृण – तिनका
त्वरित – तुरंत
तैल – तेल
डाकिनी – डाइन
तड़ाग – तालाब
तपस्वी – तपसी
तरवारि – तलवार
तरकन – ताँकना
ताम्बूलिक – तमोली
ताम्र – ताँबा
तीर्थ – तीरथ
तीक्ष्ण – तीखा
तिथिवार – त्योहार
तित्तिर – तीतर
(द)
दधि – दही
दुग्ध – दूध
दंत – दाँत
दश – दस
द्वितीया – दूज
द्विगुणा – दुगना
द्विवर – देवर
द्विसृत – दूसरा
दंड – डंडा
दंतधावन – दातुन/दातौन
दुःख – दुख
दंष – डंका
दीपावली-दीवाली/ दिवाली
द्वादश – बारह
द्रोण – दोना
दोहित्र – दोहिता
दूर्वा – दूब
दुर्बल – दुबला
दीप – दिया
दिशांतर – दिशावर
दशम – दसवाँ
दक्षिण – दाहिना
(ध)
धान्य – धान
धूम्र – धुआँ
धैर्य – धीरज
धरित्री – धरती
धृष्ठ – ढीठ
धूली – धूल
धूलि – धुरि
धनिका – धनिया
धनश्रेष्ठी – धन्नासेठी
धर्म – धरम
धावन -धोना
धूम – धुआँ
तत्सम् – तद्भव्
(न)
नव्य – नया
नकुल – नेवला
नृत्य – नाँच
नीच्य – नीचा
निष्ठुर – निठुर
नहि – नहीं
नक्षत्र – नखत
निर्वाह – निवाह
निर्वहण – निभाना
निर्दर – निडर
निर्गलन – निगलना
नग्न – नंगा
नप्तृ – नाती
नयन – नैन
नव – नया
नव – नौ
नवती – नब्बे
नियम – नेम
निम्बक – नींबू
निम्ब – नीम
निमंत्रण – नेवता
नवीन – नया
नस्ता – नाथ
नस्या – नस
नापित – नाई
निद्रा – नींद
निघाती – निहाई
नासिका – नाक
नारिकेल – नारियल
(प)
पत्र -पत्ता
पौष – पूस
पक्व – पक्का
प्रतिच्छाया – परछाई
पक्ष – पख/पंख
पर्यंक – पलंग
प्रिय – पिया/पिय
पौत्र – पोता
पीत – पीला
परशु- फरसा
पृष्ठ – पीठ
पद – पैर
पक्षी – पंछी
पंक्ति – पंन्गत
पंच – पाँच
पक्ष – पाख
पटल – पलड़ा
पट्टिका – पाटी
पढ – पढ़
पद्म – पदम
परपौत्र – परपोता
परमार्थ – परमारथ
प्रहेलिका – पहेली
प्रहरी – पहरी
प्रस्तर – पत्थर
प्रतिवासी – पड़ोसी
प्रणाल – परनाला
प्रकट – प्रगट
पृथ्वी – प्रथ्वी
पूर्व – पूरब
पुष्प – फूल
पुराण – पुराना
पुष्कर – पोखर
पुत्रवधू – पतोहू
पुत्र – पूत
परशु – फरसा
परिकूट – परकोटा
तत्सम् – तद्भव्
(प)
परिधान – पहनावा
परीक्षा – परख
पर्पट – पापड़
पर्पौत्री – परपोती
पल्लव – पल्ला
पवन – पौन
पश्चाताप – पछतावा
पाण्यशालिक – पनसारी
पाद – पाँव
पाशिका – फाँसी
पुच्छ – पूँछ
पिस्थिका – पीठी
पिप्पल – पीपल
पिपासा – प्यास
पितृ – पिता
पाषाण – पाहन
पाष – फंदा
पूर्णिमा – पूनम
(फ)
फाल्गुन – फागुन
फणी – फण
फुल्ल – फुल्ला
फुल्लन – फूलना
(ब)
बट – बड़
बधिर – बहरा
बिल्व – बेल
बालुका – बालू
बहिर – बाहर
बदरी – बेर
तत्सम् – तद्भव्
(भ)
भक्त – भगत
भाग्नेय – भाँजा
भ्रातृ – भाई
भित्ति – भीत
भल्लूक/भाल्लुक – भालू
भिक्षा – भीख
भू – भौंह
भ्राता – भाई
भ्रमर – भौरां
भुजा – बाहु
भ्रातृजाया – भावज
भ्रादृपद – भादों
भिक्षुक – भिकारी
भूषण – भूसन
भृत्जा – भतीजा
भ्रष्ट्रिका – भट्टी
(म)
मालिनी – मालिन
मस्तक – माथा
मर्कटी – मकड़ी
महिषी – भैंस
मनुष्य – मानुष
मृत्तिका – मिट्टी
मृत्यु – मौत
मित्र – मीत
मौक्तिक – मोती
मयूर – मोर
मुख – मुँह
मेघ – मेह
मृत – मुआ
मृग – मिरग
मूषक – मूस
मूल्य – मोल
मुष्टि – मुट्ठी
मुदग – मूंग
मुषल – मूसल
मंडन – मढ़ना
मंडूक – मेढक
मंत्रकारी – मंदारी
मक्षिका – मक्खी
मत्सर – मच्छर
मत्स्य – मछली
मश्रु – मूछ
महापात्र – महावत
मुख्य – मुखिया
मुकुट – मौर
मुंड – मूंड
मिष्ट – मीठा
मार्ग – मग
मातुल – मामा
तत्सम् – तद्भव्
(य, र, ल, व)
यजमान – जजमान
याचक – जाचक
यषोदा – जसोदा
योवन – जोबन
योगी – जोगी
यूथ – जूथ/जत्था
युवा – जवान
युक्ति – जुगति
यंत्र – जंत्र
यज्ञोपवीत – जनेऊ
यति – जति
यमुना – जमुना
यश – जस
रात्रि – रात
रक्तिका – रत्ती
रक्षण – रखना
रक्षा – राखी
रजनी – रैन
रिक्त – रीता
राष्ट्र – राज्य
राशि – रास
राज्ञी – रानी
राजा – राय
राजपुत्र – राजपूत
राक्षस – राकस
रज्जु – रस्सी
रूक्ष – रूखा
रुदन – रोना
रुष्ट – रूठा
रोम – रोवां
लक्ष्मण – लखन
लक्ष – लाख
लाक्षा – लाख
लक्षपति – लखपती
लंघन – लांघना
लवंग – लौंग
लम्बक – लम्बा
लज्जा – लाज
लघुक – हल्का
लौहकार – लौहार
लौह – लोहा
लोमश – लोमड़ी
लोक – लोग
लेपन – लीपना
लवणता – लुनाई
विष्ठा – बीठ
वायु – बयार
वत्स – बच्चा
वचन – बैन
व्याघ्र – बाघ
व्याख्यान – बखान
व्यथा – विथा
वैर – बैर
वेश – भेस
वेदना – बेदना
वश्चिका – बिच्छू
वृद्ध – बुढ़ा
विवाह – ब्याह
विल्ब – बेल
विद्युत – बिजली
विग्रह – बीघा
वंध्या – बांझ
वंश – बांस
वक् – बगुला
वक्र – बाँका
वज्रांग – बजरंग
वट – बड़ / बरगद
वणिक -बनिया
वधु – बहू
वन – बन
वरयात्रा – बरात
वर्तिका – बत्ती
वर्धन – बढ़ना
वर्ष – बरस
विक्षोभ – विछोह
विकार – बिगाड़
वाष्प – भाप
वार्ता – बात
वारिद – बादल
वाराणसी – बनारस
वाम – बायां
वानर – बन्दर/ बंदर
वातुलक – बावला
वाणी – बैन
वर्षा – बरसात