एक सवाल है ….
एक सवाल है… जिंदगी भर का, एक अनसुलझा सा सवाल है। जलता रहे मसाल सा, वह ऐसी मिसाल है।। देता रहा जवाब जो, बचपन के हर सवाल का। बुढ़ापे में …
नारी बिन मैं कोई नहीं…
नारी बिन मैं कोई नहीं… नन्हा सा जब रहा गर्भ में, माँ ने मुझे दुलार दिया । आया जब इस मृत्युलोक में, तब दिन-दिन मुझको प्यार किया ।। मेरी हर …
नित अपने कर्तव्य मार्ग पर आगे बढ़ते जाना है
नित अपने कर्तव्य मार्ग पर आगे बढ़ते जाना है… नन्ही सी किलकारी से, तुम आँगन को किलकाती हो । जीवन में करुणा, श्रद्धा, और भाव दया के लाती हो ।। …
लिंग (GENDER)
लिंग की परिभाषा- लिंग शब्द का अर्थ प्रतीक या चिन्ह होता है। संज्ञा के जिस रूप से उसकी जाति (स्त्री/पुरुष) का बोध होता है उसे लिंग कहते हैं। उदाहरण-घर, राम, …
आँगन की हैं शान बेटियाँ ……
आँगन की हैं शान बेटियाँ आँगन की हैं शान बेटियाँ, करुणा की हैं खान बेटियाँ । घर को स्वर्ग बना दे बेटी , पापा का हैं गुमान बेटियाँ ।।…..1 बेटे से …
आज़ादी की अमृत गाथा
आज़ादी की अमृत गाथा पीड़ियों ने हमारी गुलामीं की जकड़ में, गुजारी जिंदगी अपनी । सहे बेहिसाब अत्याचार, गुजारी जिंदगी जहालत में ।। मगर आज़ादी का जज्बा, जंगलो में भी …
विलोम शब्द (OPPOSITE WORDS)
शब्द विलोम शब्द शब्द विलोम शब्द अपना पराया अच्छा बुरा अधिक शून्य अमृत विष आग पानी अंत आरंभ आयात निर्यात अंधकार प्रकाश इधर उधर ऊपर नीचे अंदर बाहर उदय अस्त …
माँ का संदेश
माँ का संदेश माँ बनने का अंदेशा जब, खुशियों का संदेशा लाया । माँ बनने के अनुभव में मैंने, नव जीवन का दर्शन पाया।। मैं भी अब मातृत्व छाँव की, …
सर्वनाम (PRONOUN)
सर्वनाम की परिभाषा (Definiton of pronoun) संज्ञाओं की पुनरावृति को रोककर उनके स्थान पर प्रयोग किए गए शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। वाक्य उदाहरण- 1. रामचंद्र जी वन में गए । …
सूखी टहनियाँ
सूखी टहनियाँ शरद ऋतु अपने चरम पर थी। उत्तर भारत में शरद ऋतू का चरम पर पहुंचना दिसम्बर के …
संज्ञा (NOUN)
संज्ञा की परिभाषा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। उदाहरण-घर, राम, हिमालय, यमुना, सभा, क्रोध इत्यादि। संज्ञा के प्रकार- हिंदी व्याकरण में संज्ञाए पाँच …
संधि(SANDHI)
संधि की परिभाषा संधि(सम्+धि) का अर्थ है “मेल या जोड़” दो निकटवर्ती अक्षरों के मेल से जो विकार(परिवर्तन) उत्पन्न होता है उसे संधि कहते हैं। उदाहरण- 1.रत्न + आकार = …