hindishabdsetu.com

वाच्य (VOICE)

वाच्य की परिभाषा(Definition of Voice)

क्रिया के जिस रूप द्वारा यह पता चलता है कि उसके रूप में कर्ता, कर्म या भाव” में से किसकी प्रधानता है, वाच्य कहलाता है। 

 उदाहरण-  

  • रमेश रतलाम जाता है। (कर्तृवाच्य)
  • रमेश को यात्रा के लिए भेजा गया ।(कर्मवाच्य)
  • रमेश से चला नहीं जाता ।(भाववाच्य )
नोट- i).   प्रथम वाक्य में “रमेश रतलाम जाता है” अर्थात कर्ता(रमेश) की प्रधानता का बोध हो रहा है।   
         ii).  दूसरे वाक्य में “रमेश को यात्रा के लिए भेजा गया” अर्थात कर्म (भेजे जाने) की प्रधानता का बोध हो रहा है।
         iii). तीसरे वाक्य में “रमेश से चला नहीं जाता” अर्थात भाव (चला नहीं जाता) की प्रधानता का बोध हो रहा है।
 

वाच्य के प्रकार-

हिंदी भाषा में वाच्य तीन प्रकार के होते हैं-

  1. कर्तृवाच्य (ACTIVE VOICE)
  2. कर्मवाच्य (PASSIVE VOICE)
  3. भाववाच्य (IMPERSONAL VOICE)

1. कर्तृवाच्य (ACTIVE VOICE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कर्ता की प्रधानता का बोध हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। 

क्रिया का प्रकार – सकर्मक या अकर्मक।  

उदाहरण-  

  • राधा नाचती है। 
  • श्याम मुरली बजाता है। 
  • मनोहर पुस्तक पढ़ता है। 
  • रमेश दौड़ता है। 
  • रसीली गाना गाती है।  

उपर्युक्त वाक्यों में कर्ता की प्रधानता का बोध हो रहा है, इसलिए यह कर्तृवाच्य है।)  

2. कर्मवाच्य (PASSIVE VOICE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कर्म की प्रधानता का बोध हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। 

क्रिया का प्रकार – केवल सकर्मक।  

उदाहरण-  

  • कैदी को फाँसी दी गई। 
  • सैना को आक्रमण के लिए भेजा गया। 
  • यह गलती उसके द्वारा की गई है। 
  • उसे पढ़ने के लिए भेजा गया। 
  • मरीज को इन्जेक्शन दिए गए।  

उपर्युक्त वाक्यों में कर्म की प्रधानता का बोध हो रहा है, इसलिए यह कर्मवाच्य है।)  

 

3. भाववाच्य (IMPERSONAL VOICE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से भाव की प्रधानता का बोध हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। 

                                                          “या”

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कर्ता या कर्म की प्रधानता न होकर, भाव की प्रधानता होती हो, उसे भाववाच्य कहते हैं।  । 

क्रिया का प्रकार – केवल अकर्मक।  

उदाहरण-  

  • दादाजी से अब उठा-बैठा नहीं जाता।  
  • धावक से अब दौड़ा नहीं जाता। 
  • बूढ़े आदमी से अब देखा नहीं जाता। 
  • अब वह शांत नहीं बैठ सकता। 
  • मुझसे गाना नहीं गाया जाता।  

उपर्युक्त वाक्यों में भाव की प्रधानता का बोध हो रहा है, इसलिए यह भाववाच्य है।)  

 

वाच्य परिवर्तन-

  1. कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य (ACTIVE VOICE TO PASSIVE VOICE)
  2. कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य (PASSIVE VOICE TO ACTIVE VOICE)
  3. कर्तृवाच्य से भाववाच्य (ACTIVE VOICE TO IMPERSONAL VOICE)

1. कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य (ACTIVE VOICE TO PASSIVE VOICE)-

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तन निम्न प्रकार करते हैं-

> कर्मवाच्य में परिवर्तन करने के लिए कर्ता में, “से/द्वारा” जोड़ा जाता है। 

> क्रिया को कर्म की प्रधानता के अनुसार परिवर्तन करना चाहिए। 

वाक्य उदाहरण-

 1. कर्तृवाच्य- श्याम खाना खाएगा। 

     कर्मवाच्य- श्याम के द्वारा खाना खाया जाएगा। 

 2. कर्तृवाच्य- वह तुम्हें पीटेंगे। 

     कर्मवाच्य- उनके द्वारा तुम्हें पीटा जाएगा। 

 3. कर्तृवाच्य- तुम खाना खाते हो। 

     कर्मवाच्य- तुम्हारे द्वारा खाना खाया जाता है। 

 4. कर्तृवाच्य- आप अच्छा पढ़ाते हो। 

     कर्मवाच्य- आपके द्वारा अच्छा पढ़ाया जाता है। 

 5. कर्तृवाच्य- सुरीली मधुर गाती है। 

     कर्मवाच्य- सुरीली के द्वारा मधुर गाया जाता है

 6. कर्तृवाच्य- मैं इस फल को नहीं खा सकता। 

     कर्मवाच्य- मेरे द्वारा इस फल को नहीं खाया जा सकता

 7. कर्तृवाच्य- मैं यह नहीं करूँगा। 

     कर्मवाच्य- मुझसे यह नहीं होगा

 8. कर्तृवाच्य- आप कल उसे ले जाएंगे। 

     कर्मवाच्य- आपके द्वारा कल उसे ले जाया जाएगा

 9. कर्तृवाच्य- क्या आप मेरी मदद करेंगे। 

     कर्मवाच्य- क्या आपके द्वारा मेरी मदद की जाएगी

 10. कर्तृवाच्य- वह बहुत रोएगा। 

       कर्मवाच्य- उसके द्वारा बहुत रोया जाएगा

 11. कर्तृवाच्य- श्याम मुरली बजाता है। 

       कर्मवाच्य- श्याम के द्वारा मुरली बजायी जाती है

 12. कर्तृवाच्य- गरिमा खाना पकाती है। 

       कर्मवाच्य- गरिमा के द्वारा खाना पकाया जाता है

2. कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य(PASSIVE VOICE TO ACTIVE VOICE)-

कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में परिवर्तन करते समय निम्न सावधानी बरतनी चाहिए –

> कर्ता (कारक) के चिन्ह “0, ने “  को जरूरत के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। 

> कर्ता के अनुसार क्रिया को परिवर्तित किया जाना चाहिए। 

> कर्ता को प्रधानता देनी चाहिए। 

वाक्य उदाहरण-

 1. कर्मवाच्य– उनके द्वारा मुझे पीटा गया। 

     कर्तृवाच्यउन्होंने मुझे पीटा। 

 2. कर्मवाच्य– राम के द्वारा रावण का वध हुआ। 

     कर्तृवाच्य– राम ने रावण का वध किया। 

 3. कर्मवाच्य– कृष्ण के द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाया गया।  

     कर्तृवाच्य– कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया।  

 4. कर्मवाच्य– स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा हमको आज़ादी मिली। 

     कर्तृवाच्य– स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजादी दी। 

 5. कर्मवाच्य– रेशमा द्वारा कविता पढ़ी गई। 

     कर्तृवाच्य– रेशमा ने कविता पढ़ी। 

 6. कर्मवाच्य– मुझसे पढ़ा नहीं जाता। 

     कर्तृवाच्य– मैं पढ़ नहीं सकता। 

 7. कर्मवाच्य– आज हमें हिंदी पढ़ाई गई। 

     कर्तृवाच्य– आज हमने हिंदी पढ़ी। 

 8. कर्मवाच्य– फौज के द्वारा आंतकियों को मारा गया।  

     कर्तृवाच्य– फौज ने आंतकियों को मारा।  

 9. कर्मवाच्य– राधा द्वारा पत्र लिखा जाएगा। 

     कर्तृवाच्य– राधा पत्र लिखेगी। 

 10. कर्मवाच्य– स्वामीजी द्वारा सारे सुख त्याग दिए गये। 

       कर्तृवाच्य स्वामीजी ने सारे सुख त्याग दिए। 

 11. कर्मवाच्य– मेरे द्वारा यह कार्य बिगाड़ा गया। 

       कर्तृवाच्य– मैंने यह कार्य बिगाड़ा। 

 

3. कर्तृवाच्य से भाववाच्य (ACTIVE VOICE TO IMPERSONAL VOICE)-

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में परिवर्तन निम्न प्रकार करते हैं-

> कर्ता में, “से/द्वारा” चिन्ह लगाकर उसे गौड़ किया जाता है। 

> भाववाच्य में अकर्मक क्रिया का प्रयोग किया जाता है। 

वाक्य उदाहरण-

 1. कर्तृवाच्य- हम पढ़ते हैं। 

     भाववाच्य- हमसे पढ़ा जाता है। 

 2. कर्तृवाच्य- हम खड़े नहीं हो सकते। 

     भाववाच्य- हमसे खड़ा नहीं हुआ जाता। 

 3. कर्तृवाच्य- माँ नहीं रो सकती है। 

     भाववाच्य- माँ से नहीं रोया जाता। 

 4. कर्तृवाच्य- मैं नहीं दौड़ सकता। 

     भाववाच्य- मेरे से दौड़ा नहीं जाता। 

 5. कर्तृवाच्य- वह खाना नहीं खा सकते हैं। 

     भाववाच्य- उनसे खाना नहीं खाया जाता

 6. कर्तृवाच्य- वह पढ़ा नहीं सकते हैं। 

     भाववाच्य- उनसे पढ़ाया नहीं जाता

 7. कर्तृवाच्य- हम घर नहीं बैठ सकते हैं। 

     भाववाच्य- हमसे घर नहीं बैठ जाता

 8. कर्तृवाच्य- वह गाना नहीं गा सकते हैं। 

     भाववाच्य- उनसे गाना नहीं गाया जाता

 9. कर्तृवाच्य- लोग गर्मियों में आइसक्रीम खा सकते हैं । 

     भाववाच्य- लोगों से गर्मियों में आइसक्रीम खाया जाता है

 10. कर्तृवाच्य- वह बहुत तेज दौड़ा। 

       भाववाच्य- उससे बहुत तेज दौड़ा गया

Leave a Comment