माँ
एक सूरत, एक मूरत, एक तू ही ज्ञान है ।
गर् तू अगर विद्यमान है, तो सर्व विद्यमान है।।
मैं तो बस नादान हूँ, तू सर्व सृष्टि ज्ञान है।
माँ अगर विद्यमान है, तो सर्व विद्यमान है।।…..1
यह रास्ते यह हौसले, यह सब तुम्हारी देन हैं ।
यह मंजिलें किस काम की, जब तू न विद्यमान है ।।
झूठे हैं यह मुकाम सब, यह कामयाबी शून्य है ।
जब मंजिलें पांवों तले, पर तू न विद्यमान है।। …..2
तुम हो यथार्थ में नहीं, यादें तुम्हारी साथ हैं।
हर सुमंगल कार्य, आपकी स्मृति के आगाज है।।
मैं हूँ विदित यह, सब आपके आशीर्वाद का प्रकाश है।
तू अगर विद्यमान है, तो सर्व विद्यमान है ।। …..3