आँगन की हैं शान बेटियाँ
आँगन की हैं शान बेटियाँ,
करुणा की हैं खान बेटियाँ ।
घर को स्वर्ग बना दे बेटी ,
पापा का हैं गुमान बेटियाँ ।।…..1
बेटे से घर एक ही बनता,
बेटी है दो घर की रानी ।
बेटी के हैं रूप अनेक
कभी बहन,पत्नी और माँ और कभी दादी, नानी ।। …..2
दया धर्म की रखवाली हैं,
हर घर की वो शान हैं ।
बेटी है जिस भी आँगन में,
उसका जन्म महान है ।। …..3
ममता से वो भरी हुई हैं,
हर सुख-दुख में खड़ी हुई हैं ।
बनी देश की शान बेटियाँ,
अपने पद पर खड़ी हुई हैं ।।…..4
बेटी की करुणा को समझो,
तप के उसका मान रखो ।
ममता उसकी क्षमता समझो,
हर पल उसका सम्मान रखो ।।…..5