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लिंग की परिभाषा-

लिंग शब्द का अर्थ प्रतीक या चिन्ह होता है। संज्ञा के जिस रूप से उसकी जाति (स्त्री/पुरुष) का बोध होता है उसे लिंग कहते हैं। 

उदाहरणघर, राम, हिमालय, यमुना, सभा, क्रोध इत्यादि।

लिंग के प्रकार-

हिंदी भाषा में लिंग दो प्रकार के होते हैं –        

(1) स्त्रीलिंग – (इससे स्त्री जाति का बोध होता है )          

(2) पुल्लिंग – (इससे पुरुष जाति का बोध होता है )

नोटसंज्ञा के रूप में लिंग, वचन, और कारक के कारण परिवर्तन होता है। 

वाक्य उदाहरण- 

(1) वह आग से खेलता है।   (पुल्लिंग)

(2) वह जल पीती है।   (स्त्रीलिंग)

(3) राजा बहुत सुन्दर है।   (पुल्लिंग)

(4) रसीली खाना बनाती है।   (स्त्रीलिंग)

(5) जमशेदपुर बहुत सुन्दर शहर है।   (पुल्लिंग)

स्त्रीलिंग-

जिस संज्ञा से यथार्थ/कल्पित स्त्री जाति का बोध होता है उसे स्त्रीलिंग कहते हैं। जैसे- गाय, कन्या, कलाई इत्यादि।     

पुल्लिंग-

जिस संज्ञा से यथार्थ/कल्पित पुरुष जाति का बोध होता है उसे पुल्लिंग कहते हैं। जैसे- लड़का, हाथ, बेटा, इत्यादि।     

लिंग की पहिचान-

हम जिस शब्द का लिंग पहिचानना चाहते हैं, सबसे पहले उसे बहुवचन में बदलें और यदि बदले हुए बहुवचन शब्द के अंत में-

1. याँ / आँ आता है तो वह स्त्रीलिंग होता है।  

उदाहरण

एकवचन – बहुवचन 

नदी – नदियां 

कली – कलियाँ 

चाबी – चाबियाँ 

2. “ए” आता है और  याँ / आँ नहीं आता है तो वह पुल्लिंग होता है।  

उदाहरण

एकवचन – बहुवचन 

पंखा – पंखे     

चीता – चीते  

लिंग की पहिचान के नियम-

1. हिन्दी शब्दों के लिंग पहिचान के नियम -
(अ) पुल्लिंग-
  1. जिन शब्दों के अन्त में, “अ, न, अब, त्व, आ, व, पा, पन, आव” प्रत्यय आता है वह प्रायः पुल्लिंग होते हैं। 

       उदाहरण-तन, मन, वन, गाना, बहाना, मातृत्व, गाँव, बुढ़ापा, लड़कपन, बहाव, लेन-देन इत्यादि। 

2. कृदंत की अनंत संज्ञाएँ– उठान, मिलन, लगान, नहान इत्यादि। 

(ब) स्त्रीलिंग-
  1. जिन शब्दों के अन्त में, “आनी, हट, वट, ख, ट” प्रत्यय आता है वह प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। 

       उदाहरण– सजावट, बनावट, कड़वाहट, आहट, जेठानी, ठकुरानी, राजस्थानी, झंझट, ईख, राख, देखरेख इत्यादि। 

       अपवाद– पाख, रूख । 

 

2. “ईकारांत, तकारांत, ऊकारांत, अनुस्वारांत, सकारांत, याकरन्त” आदि संज्ञाएँ प्रायः स्त्रीलिंग होती हैं। 

उदाहरण– पानी, घी, रात, बात, लात, भीत, छत, मोती, बालू, झाड़ू, दारू, लू, गेरू, सरसों, खड़ाऊ, प्यास, बाँस, साँस, निंदास, मिठास, पुड़िया, खटिया, डिबिया, ढिलिया इत्यादि। 

         अपवाद– भात, खेत, दाँत, गात, सूत, निकास, रास, गेहूँ, कोदों, आँसू, टेसू, रतालू । 

3. कृदंत की “अकारांत” संज्ञाएँ स्त्रीलिंग होती हैं। 

उदाहरण– पुकार, छाप, मार, लूट, चमक, दौड़, इत्यादि। 

         अपवाद– उतार, नाच, खेल, मेल, बोल । 

4. कृदंत की नकारांत संज्ञाएँ जिनका पीछे से दूसरा वर्ण अकारांत हो स्त्रीलिंग होती हैं। 

उदाहरण– पहचान, रहन, जलन, उलझन, सूजन इत्यादि। 

         अपवाद– चाल-चलन (चलन उभयलिंग है) । 

2. संस्कृत शब्दों के लिंग पहिचान के नियम -
(अ) पुल्लिंग-
  1. जिन शब्दों के अन्त में, “त्र, न, ज, त्य, त्व, व, य, आर, आय, आस, त, अ, ख” प्रत्यय होता है वह प्रायः पुल्लिंग होते हैं। 

       उदाहरण-चित्र, क्षेत्र, नेत्र, गोत्र, चरित्र, शास्त्र, पालन, पोषण, दमन, वचन, नयन, गमन, हरण, जलज, सरोज, गौरव, धैर्य, नृत्य, कृत्य, सतीत्व, बहुत्व, माधुर्य, उल्लास, हास,               विलास, उपाय, समुदाय, अध्याय, संसार, विस्तार, विकार, पाक, मोह, दोष, स्पर्श, क्रोध, चरित, फलित, गणित, स्वागत, गीत, चरित, नख, दुःख, शंख, लेख, सुख इत्यादि। 

       अपवाद– आए, जय (स्त्रीलिंग) 

                      पवन, विनय, सहाय (उभयलिंग) 

(ब) स्त्रीलिंग-

1. जिन शब्दों के अन्त में, “अ, न, उ, ति, नि, ता, इ, इमा ” प्रत्यय होता है वह प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। 

उदाहरण– दया, क्षमा, सभा, शोभा, लज्जा, कृपा, माया, प्रार्थना, घटना, वेदना, रचना, प्रस्तावना, वायु, रेणु, रज्जु, धातु, ऋतु, मृत्यु, मति, गति, जाति, हानि, ग्लानि, योनि, बुद्धि, रीति, प्रभुता, जड़ता, नम्रता, सुंदरता, लघुता, राशि, अग्नि, रुचि, छवि, विधि, निधि, परिधि, केलि, महिमा, गरिमा, लालिमा इत्यादि। 

         अपवाद– मधु, तालु, हेतु, सेतु, जलधि, पाणि, वारि, बलि, गिरि । 

3. उर्दू शब्दों के लिंग पहिचान के नियम -
(अ) पुल्लिंग-
  1. जिन शब्दों के अन्त में, “आब, आर, आन, ह/आ” प्रत्यय होता है वह प्रायः पुल्लिंग होते हैं। 

       उदाहरण-किताब, मिहराब, शराब, ताब, कमखाब, परदा, गुस्सा, चश्मा, किस्सा, सामान, मकान, बाजार, इकरार, इश्तिहार, इम्तिहान, अहसान, इनकार इत्यादि। 

       अपवाद– दफ़ा, सरकार, दुकान 

(ब) स्त्रीलिंग-

1. जिन शब्दों के अन्त में, “ई, श, त, आ, ह” प्रत्यय होते है वह प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। 

उदाहरण– बीमारी, चालाकी, गरमी, गरीबी, नवाबी, सरदी, तैयारी, मालिश, नालिश, तलाश, लाश, बारिश, कोशिश, कीमत, दौलत, कसरत, अदालत, हजामत, मुलाकात, दुनिया, बला, हवा, दबा, सजा, जमा, राह, आह, सुबह, सुलह, सलाह, तरह इत्यादि। 

अपवाद– महा, गुनाह, होश, ताश, शरबत, दस्तखत, वक्त, तख्त, बंदोबस्त, दगा (पुल्लिंग) 

                        मजा (उभयलिंग) 

4. अंग्रेजी शब्दों के लिंग पहिचान के नियम -
(अ) पुल्लिंग-
  1. जिन अंग्रेजी शब्दों के अन्त में, “अ” प्रत्यय (अकारांत)होता है वह प्रायः पुल्लिंग होते हैं। 

       उदाहरण-पार्क, पोस्टर, ऑयल, ओवर, क्लास, कोर्ट, कोट, इन्जेक्शन, एडमिशन, टेलीफोन, कॉलेज, कॉलर, ग्लास, गजेट, टॉर्च, टायर, टाइम, पासपोर्ट, प्रमोशन, मैच, मीटर,         स्टेज, लेक्चर, लेटर, प्लग, फ्लोर, बोर्ड, पेपर, हेयर, लाइट, मीटर, ब्रेक, सिग्नल, हॉस्पिटल इत्यादि। 

       अपवाद– चैन, फीस  

(ब) स्त्रीलिंग-

1. जिन शब्दों के अन्त में, “ई” प्रत्यय (ईकारांत)होता है वह प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। 

उदाहरण– चिमनी, कंपनी, कमेटी, लाइब्रेरी, हिस्ट्री, डिक्शनरी, फीस, डिग्री, एसेंबली, कॉपी, यूनिवर्सिटी, टाई, केतली, म्युनिसिपैलिटी इत्यादि। 

अपवाद– कॉंग्रेस, कौंसिल, रिपोर्ट, अपील (पुल्लिंग) 

                        स्टेशन, प्लेग, मेल, मोटर, पिस्तौल (उभयलिंग) 

5. तत्सम/तद्भव शब्दों के लिंग पहिचान के नियम -
(अ) तत्सम शब्द -

    स्त्रीलिंग   

अग्नि(आग)

आयु 

जम 

देह 

वस्तु 

राशि 

शपथ

 

पुल्लिंग

तारा 

देवता 

व्यक्ति

 

उभयलिंग 

आत्मा 

पुस्तक 

पवन

(ब) तद्भव शब्द-

  तत्सम शब्द – लिंग 

औषध – पुल्लिंग 

ओषधि – स्त्रीलिंग 

शपथ – पुल्लिंग 

बाहु – पुल्लिंग 

बिंदु – पुल्लिंग 

तंतु – पुल्लिंग 

अक्षि – पुल्लिंग 

तद्भव शब्द – लिंग 

औषधि – स्त्रीलिंग 

———- – ———-

सौंह – स्त्रीलिंग

बाँह -स्त्रीलिंग

बुंद – स्त्रीलिंग

ताँत – स्त्रीलिंग

आँण – स्त्रीलिंग  

लिंग निर्धारण-

        लिंग निर्धारण करते समय हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि कौन सी संज्ञा स्त्रीलिंग होती है और कौन सी पुल्लिंग-

1. प्राणिवाचक संज्ञाओं का लिंग निर्धारण-

(अ)- जोड़े के रूप में उपयोग होने वाली संज्ञाओं में, स्त्री जाति का बोध कराने वाली संज्ञाएँ स्त्रीलिंग और पुरुष जाति का बोध कराने वाली संज्ञाएँ पुल्लिंग होती हैं। 

उदाहरण

 स्त्रीलिंग- मोरनी, स्त्री, घोड़ी, इत्यादि। 

 पुल्लिंग- मोर, पुरुष, घोड़ा, इत्यादि।

वाक्य उदाहरण- 

स्त्रीलिंग 

मोरनी नाच रही थी ।    

स्त्री काम कर रही है।

घोड़ी दौड़ रही है।   

 

पुल्लिंग  

मोर घूम रहा है। 

पुरुष दौड़ रहा है।

घोड़ा घास कहा रहा है।    

(ब)- कई प्राणिवाचक संज्ञाएँ दोनों जातियों का बोध कराती हैं। इन्हें व्यवहार के अनुसार स्त्रीलिंग या पुल्लिंग माना जाता है।  

उदाहरण

 स्त्रीलिंग- गिलहरी, जोंक, तितली, मक्खी, चील, मछली, इत्यादि। 

 पुल्लिंग- चीता, केंचुआ, उल्लू, पक्षी, हाथी, इत्यादि।

नोट इन संज्ञाओं का प्रयोग करते समय हम यह जानने की चिंता नहीं करते हैं कि यह स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग, इन संज्ञाओं को एकलिंग भी कहते हैं।  

वाक्य उदाहरण- 

स्त्रीलिंग 

गिलहरी फल कहा रही है।     

जोंक पानी में तैर रही है।

तितली हवा में उड़ रही है।

मक्खी गंदगी पर बैठती है।    

चील शिकार करने के लिए उड़ रही है।

मछली पानी में तैर रही है।  

 

पुल्लिंग  

चीता जंगल में रहता है। 

केंचुआ मिट्टी की उपज बढ़ता है।

उल्लू को दिन में दिखाई नहीं देता है। 

पक्षी हवा में उड़ रहे हैं। 

हाथी जंगल में रहते हैं।    

(स)- संज्ञाओं के समुदायवाचक नामों को भी व्यवहार के अनुसार स्त्रीलिंग या पुल्लिंग माना जाता है।  

उदाहरण

 स्त्रीलिंग- टोली, फौज, सरकार, प्रजा, इत्यादि। 

 पुल्लिंग- संघ, दल, झुंड, समूह, इत्यादि।

नोट कुछ प्राणिवाचक संज्ञाएँ केवल स्त्रीलिंग होती हैं।  

वाक्य उदाहरण- 

स्त्रीलिंग 

टोली होली खेल रही है।     

फौज आक्रमण की तैयारी कर रही है।

सरकार ने लोगों के लिए मदद भेजी है।

प्रजा राजा का सम्मान करती है।    

 

पुल्लिंग  

संघ में लोगों को जाना चाहिए। 

दल में फूट पड़ चुकी है।

झुंड में भेड़िये शिकार करते है। 

समूह में धावक दौड़ रहे हैं।     

2. अप्राणिवाचक संज्ञाओं का लिंग निर्धारण-

अप्राणिवाचक संज्ञाओं के लिंग का बोध/निर्धारण उनके व्यवहार और नीचे दिए गए नियमों के अनुसार करते हैं-

(1) शरीर के अंगों के नाम-

स्त्रीलिंग 

चोटी, आँख, नाक, दाड़ी, मूंछ, जीभ, गर्दन, आँत, ठोड़ी, पीठ, कमर, कलाई, उँगली, काँख, कोख, कुहनी, हड्डी इत्यादि।   

पुल्लिंग  

बाल, सिर, माथा, मुँह, कान, दाँत, ओष्ठ, हाथ, पैर, गला, नाखून, पेट, टखना, फेफड़ा, अंगूठा, घुटना इत्यादि।  

(2) धातुओं के नाम-

स्त्रीलिंग 

चाँदी, मिट्टी, धातु इत्यादि। 



 पुल्लिंग  

सोना, तांबा, पीतल, लोहा, सीसा, टीन, काँसा, जस्ता, पारा  इत्यादि । 

(3) स्थानों के नाम-

स्त्रीलिंग 

झील, नदी, घाटी  इत्यादि। 

   


 पुल्लिंग  

देश, नगर, द्वीप, आकाश, पाताल, घर, समुद्र, सरोवर, पहाड़ इत्यादि।   

(4) पेड़ों के नाम-

स्त्रीलिंग 

कचनार, नीम, जामुन इत्यादि। 

 

पुल्लिंग  

सागौन, पीपल, बड़, शीशम, अशोक इत्यादि। 

(5) गृहों के नाम-

स्त्रीलिंग 

पृथ्वी इत्यादि। 

   

 

पुल्लिंग  

सूर्य, चंद्र, शशि, राहु, केतु, मंगल, बुध इत्यादि।  

(6) द्रव्यों के नाम-

स्त्रीलिंग 

स्याही, छाछ, लस्सी, बर्फ, बर्फ़ी, तरकारी, खीर इत्यादि। 

 पुल्लिंग  

दूध, दही, घी, मक्खन, सिरका, पानी, शर्बत इत्यादि।

(7) अनाजों के नाम-

स्त्रीलिंग 

अरहर, मूंग, मक्का, जुआर इत्यादि। 


 पुल्लिंग  

उड़द, चना, तिल, गेहूं, चावल, जौ इत्यादि।     

(8) रत्नों के नाम-

स्त्रीलिंग 

अरहर, मूंग, मक्का, जुआर इत्यादि। 

 पुल्लिंग  

उड़द, चना, तिल, गेहूं, चावल, जौ इत्यादि।    

(9) तिथियों के नाम-

स्त्रीलिंग 

पड़वा, दौज, तीज, चौथ इत्यादि। 

नोट तिथियों के नाम केवल स्त्रीलिंग होते हैं।  

(10) नक्षत्रों के नाम-

स्त्रीलिंग 

रोहिणी, अश्विनी, भरणी इत्यादि।  

नोट नक्षत्रों के नाम केवल स्त्रीलिंग होते हैं।  

(11) नदियों के नाम-

स्त्रीलिंग 

गंगा, यमुना, नर्मदा, सरस्वती, गोदावरी, राप्ती इत्यादि। 

पुल्लिंग 

ब्रह्मपुत्र, सोन, सिंधु इत्यादि। 

(12) भोजनों (पकवानों) के नाम-

स्त्रीलिंग 

खीर, पूड़ी, तरकारी, कचौरी, रोटी, खिचड़ी, कढ़ी, बर्फ़ी, काँजी, बर्फ, भाजी, दल,चटनी, चपाती इत्यादि। 

पुल्लिंग

समोसा, पराठा, रायता, भात, हलुआ, लड्डू, पापड़, मोहनभोग, रसगुल्ला, भटूरा, चावल, गोलगप्पा, भटूरा  इत्यादि। 

(13) किराने के सामानों के नाम-

स्त्रीलिंग 

सोंठ, हल्दी, सौंफ, लौंग, इलायची, दालचीनी, सुपारी, इमली, मिर्च, कालीमिर्च इत्यादि। 

पुल्लिंग

तेजपात, धनिया, कपूर, मसाला, अनारदाना इत्यादि। 


(14) वर्तनों के नाम-

स्त्रीलिंग 

छुरी, कटोरी, भट्टी, अंगीठी, चलनी, थाली इत्यादि। 

 

पुल्लिंग

स्टोव, चाकू, कप, बेलन, कुकर, चम्मच, पतीला, कटोरा इत्यादि। 

(15) भाषाओं के नाम-

स्त्रीलिंग 

हिंदी, अंग्रेजी, उडिया, तेलुगु इत्यादि।  

नोट भाषाओं के नाम केवल स्त्रीलिंग होते हैं।  

(16) आभूषणों के नाम-

स्त्रीलिंग 

पायल, अंगूठी, नथ, माला, बाली, चूड़ी, बिंदिया, कंठी, मुद्रिका इत्यादि। 

पुल्लिंग

गजरा, हार, बाजूबन्द, काँटे, झुमका, कंगन, कड़ा, शीशफूल, झूमर इत्यादि। 

(लिंग परिवर्तन) -

1. हिंदी शब्दों का लिंग परिवर्तन -

हिंदी में संज्ञाओं को पुल्लिंग से स्त्रीलिंग में बदलने के लिए विभिन्न प्रत्ययों का प्रयोग किया जाता है  जैसे- ई, इया, इन, नी, आनी, आइन, आ – 

(i) “ई प्रत्यय”यदि शब्द क अन्त में “अ, आ” है तो पुल्लिंग से स्त्रीलिंग में परिवर्तन के लिए “ई” प्रत्यय का प्रयोग करते हैं-

पुल्लिंग-स्त्रीलिंग 

बेटा-बेटी

बकरा-बकरी

चींटा-चींटी

मामा-माई(मामी)

काका-काकी

साला-साली

भतीजा-भतीजी 

भानजा-भानजी 

गधा-गधी 

पुतला-पुतली 

घोड़ा-घोड़ी 

बंदर-बंदरी   

पुल्लिंग-स्त्रीलिंग 

तीतर-तीतरी

गीदड़-गीदड़ी

हिरण-हिरणी

कुकर-कुकरी

घंटा-घंटी

गगरा-गगरी

टोकना-टोकनी

मेढ़क-मेढ़की

साला-साली

रस्सा-रस्सी

घड़ा-घड़ी

घंटा-घंटी 

(ii) “इया प्रत्यय”इया प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

बुड्ढा + इया =

बेटा + इया =

गगरा + इया =

फोड़ा + इया =

लठ + इया =

लोटा + इया =

कुत्ता + इया =

स्त्रीलिंग 

बुढ़िया

बिटिया

गगरिया

फुड़िया

लठिया

लुटिया

कुतिया

(iii) “इन प्रत्यय”इन प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

सुनार + इन =

नाती + इन =

लुहार + इन =

बाघ + इन =

साँप + इन =

अहीर + इन =

तेली + इन =

कुँजड़ा + इन =

धोबी + इन =

स्त्रीलिंग 

सुनारिन

नातिन

लुहारिन

बाघिन

साँपिन

अहीरिन

तेलिन

कुंजड़िन 

धोबिन

(iv) “नी प्रत्यय”नी प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

सिंह + नी =

बाघ + नी =

स्यार + नी =

मोर + नी =

ऊँट + नी =

रीछ + नी =

हाथी + नी =

स्त्रीलिंग 

सिंहनी 

बाघिनी

स्यारिनी

मोरनी 

ऊँटनी 

रीछनी 

हथिनी 

(v) “आइन प्रत्यय”आइन प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

लाला + आइन =

बनिया + आइन =

बाबू + आइन =

ठाकुर + आइन =

पाँड़े + आइन =

मिसिर + आइन =

दुबे + आइन =

सुकुल + आइन =

स्त्रीलिंग 

ललाइन 

बनियाइन

बाबुआइन 

ठकुराइन

पँडाइन

मिसिराइन

दुबाइन

सुकुलाइन

(vi) “आनी प्रत्यय”आनी प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

देवर + आनी =

जेठ + आनी =

सेठ + आनी =

चौधरी + आनी =

नौकर + आनी =

मिहतर + आनी =

पंडित + आनी =

खत्री + आनी =

स्त्रीलिंग 

देवरानी 

जेठानी 

सेठानी 

चौधरानी 

नौकरानी 

मिहतरानी 

पंडितानी 

खतरानी 

(vii) “आ प्रत्यय”आ प्रत्यय लगाकर पुल्लिंग परिवर्तन

स्त्रीलिंग

भेड़ + =

राँड + =

भैंस + =

 जीजी + =

पुल्लिंग

भेड़ा 

रँडुआ 

भैंसा 

जीजा 

2. संस्कृत शब्दों का लिंग परिवर्तन -

(i) “ई प्रत्यय”– “ई” प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग

ब्राह्मण + =

देवी +  =

पंचम +  =

नद +  =

तरुण +  =

मानी +  =

श्रीमान +  =

राजा +  =

कर्ता +  =

ग्रंथकर्ता +  =

धाता +  =

जनयिता +  =

दाता +  =

कवयिता +  =

सुंदर +  =

गौर +  =

कुमार +  =

दास  +  =

पुत्र +  =

युवा +  =

हितकारी +  =

महान +  =

विद्वान +  =

भगवान +  =

स्त्रीलिंग 

ब्राह्मणी

देवी 

पंचमी 

नदी 

तरुणी 

मानिनी 

श्रीमती 

राज्ञी 

कर्त्री 

ग्रंथकर्त्री

धात्री 

जनयित्री 

दात्री 

कवयित्री 

सुंदरी 

गौरी 

कुमारी 

दासी 

पुत्री 

युवती 

हितकरणी 

महती 

विदुषी 

भगवती 

(ii) “आ प्रत्यय”आ प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

पंडित + =

शिव + =

सुत + =

बाल + =

शूद्र + =

महाशय + =

वैश्य + =

प्रिय + =

स्त्रीलिंग 

पंडिता  

शिवा 

सुता 

बाला 

शूद्रा 

महाशया 

वैश्या 

प्रिया  

(iii) “अब प्रत्ययांत”शब्दों में के स्थान पर का प्रयोग किया जाता है

पुल्लिंग 

पाठक =

बालक =

उपदेशक =

पुत्रक =

नायक =

स्त्रीलिंग 

पाठिका

बालिका 

उपदेशिका 

पुत्रिका 

नायिका 

(iv) “आनी प्रत्यय”आनी प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग परिवर्तन

पुल्लिंग 

भव =

इन्द्र =

रुद्र =

वरुण =

शर्व =

स्त्रीलिंग 

भवानी 

इंद्राणी 

रुद्राणी 

वरुणानी 

शर्वाणी  

3. उर्दू शब्दों का लिंग परिवर्तन -

अधिकतर उर्दू शब्दों में हिंदी प्रत्यय – ई, इया, इन, नी, आनी, आइन, आ -का प्रयोग होता है- 

पुल्लिंग 

मुर्गा =

शहजादा =

साहब =

मुल्ला =

मलिक =

हरामजादा =

खालू =

मिहतर =

शेर =

मुद्दई =

स्त्रीलिंग 

मुर्गी 

शहज़ादी 

साहिबा 

मुल्लानी 

मलिका 

हरामज़ादी 

खाला 

मिहतरानी 

शेरनी 

मुद्दइया 

4. उर्दू शब्दों का लिंग परिवर्तन -

अंग्रेजी शब्दों को पुल्लिंग से स्त्रीलिंग में बदलने के लिए अधिकतर “इन” प्रत्यय का प्रयोग करते हैं (वास्तव में अंग्रेजी भाषा में इन लिंग परिवर्तित शब्दों का कोई अर्थ नहीं होता है- 

पुल्लिंग 

मास्टर =

डॉक्टर =

इन्स्पेक्टर =

स्त्रीलिंग 

मास्टरिन  

डॉक्टरिन 

इन्स्पेक्टरिन 

(लिंग परिवर्तित शब्द सारणी) -

नीचे दी गई सारणी में दैनिक प्रयोग में होने वाले अनेक स्त्रीलिंग-पुल्लिंग शब्द दिए गए हैं- 

स्त्रीलिंग – पुल्लिंग 

लड़की – लड़का 

बेटी/बिटिया – बेटा

दादी – दादा

माई/मामी – मामा

नानी – नाना

 साली – साला

भतीजी – भतीजा 

भानजी – भानजा 

चेली – चेला 

देवरानी – देवर 

सेठानी – सेठ 

जिठानी – जेठ 

बहनोई – बहन 

नातिन – नाती 

ननद – ननदोई 

जीजी – जीजा 

रँडुआ – राँड 

पुत्री – पुत्र 

देवी – देव 

सुता – सुत 

पत्नी – पति 

कुमारी – कुमार 

तरुणी – तरुण 

बाला -बाल 

प्रिया – प्रिय 

माता – पिता 

सास – ससुर 

साली – साला 

बहिन – भाई 

बहू/पतोहू – बेटा  

 

स्त्रीलिंग – पुल्लिंग 

पुतली – पुतला 

घोड़ी – घोड़ा 

हथिनी – हाथी 

गधी – गधा 

चींटी – चींटा 

कुतिया – कुत्ता 

बुढ़िया – बुड्ढा 

बछिया – बछड़ा

 हिरणी – हिरण 

मेंढकी – मेंढक 

तीतरी – तीतर 

कुकरी – कुकर 

बंदरी – बंदर 

गीदड़ी – गीदड़ 

ऊँटनी – ऊँट 

बाघिनी – बाग

साँपिन – साँप 

मोरनी – मोर

बाघिन – बाघ 

रीछनी – रीछ 

सिंहनी – सिंह 

स्यारिनी – स्यार 

भैंस – भैंसा 

भेड़ – भेड़ा

शेरनी – शेर 

 मादा – नर 

बाबा – बाई 

वधू – वर 

साहब – मेम 

स्त्री – पुरुष 

 

स्त्रीलिंग – पुल्लिंग 

पँडाइन – पाँड़े 

बाबुआइन – बाबू 

दुबाइन – दुबे 

ठकुराइन – ठाकुर 

पठकाइन – पाठक 

बनियाइन – बनिया 

मिसिराइन – मिसिर 

ललाइन – लाला 

सुनारिन – सुनार 

अहीरीन – अहीर 

तेलिन – तेली 

धोबिन – धोबी 

कुँजड़िन – कुँजड़ा 

लुहारिन – लुहार 

खतरानी – खत्री 

मिहतरानी – मिहतर 

 चौधरानी – चौधरी 

पंडितानी – पंडित 

नौकरानी – नौकर 

चौधरानी – चौधरी 

सखी – सखा

दासी – दास 

आचार्याणी – आचार्य 

क्षत्रिया/क्षत्रियाणी – क्षत्रिय 

पंडिता – पंडित 

कर्त्री – कर्ता 

धात्री – धाता 

दात्री – दाता 

बाला – बाल 

शिवा – शिव 

स्त्रीलिंग – पुल्लिंग 

गठरी – गठरा 

चिट्ठी – चिट्ठा 

घड़ी – घड़ा 

डाल – डाला 

गुदड़ी – गुदड़ा 

राज्ञी – राजा 

युवती – युवा 

भगवती – भगवान 

श्रीमती – श्रीमान 

विदुषी – विद्वान 

महती – महान 

मानिनी – मानी 

हितकारिणी – हितकारी 

पाठिका – पाठक 

भवानी – भव 

शर्वाणी – शर्व 

वरुणानी – वरुण 

इंद्राणी – इन्द्र 

रुद्राणी – रुद्र 

पुत्रिका – पुत्रक 

नायिका – नायक 

ब्राह्मणी – ब्राह्मण 

सुंदरी – सुंदर 

गौरी – गौर 

ग्रंथकर्त्री – ग्रंथकर्ता 

जनयित्री – जनयिता 

कवयित्री – कवि/कवयिता 

शूद्रा – शूद्र 

महाशया – महाशय 

वैश्या – वैश्य 

स्त्रीलिंग – पुल्लिंग 

वालिदा – वालिद 

खाला – खालू 

साहबा – साहब 

मुद्दइया – मुद्दई 

मलिका – मलिक 

मुर्गी – मुर्गा 

मुल्लानी – मुल्ला 

शाहजादी – शाहजादा  

बेगम/खानम – खान 

 मर्द/आदमी – औरत 

मास्टरिन – मास्टर 

डॉक्टरिन – डॉक्टर 

इंस्पेक्टरिन – इन्स्पेक्टर 

पंचमी – पंचम 

नदी – नद 

 

 

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