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काल (TENSE)

काल(TENSE)-

काल संस्कृत मूल का शब्द है और काल का शाब्दिक अर्थ होता है समय। 

काल की परिभाषा(Definition of Tense)

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय और उसकी पूर्णता या अपूर्णता का बोध होता है उसे काल कहते हैं। 

 उदाहरण-  

  • रमेश रतलाम जाता है। (वर्तमान)
  • रमेश ने यात्रा की।(भूतकाल)
  • रमेश लखनऊ जाएगा।(भविष्यतकाल)
नोट- i).   प्रथम वाक्य में कर्ता रमेश रतलाम जाता है अर्थात कार्य की अपूर्णता और इस समय का बोध हो रहा है।   
         ii).  दूसरे वाक्य में कर्ता रमेश ने यात्रा की अर्थात कार्य की पूर्णता और बीते समय का बोध हो रहा है।
         iii). तीसरे वाक्य में कर्ता रमेश लखनऊ जाएगा अर्थात कार्य की अपूर्णता और आने वाले समय का बोध हो रहा है।
 

काल के प्रकार-

हिंदी भाषा में काल तीन प्रकार के होते हैं-

  1. वर्तमान काल(PRESENT TENSE)
  2. भूत काल (PAST TENSE)
  3. भविष्यत काल (FUTURE TENSE)

1. वर्तमान काल (PRESENT TENSE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य के वर्तमान काल (इस समय) में होने का बोध होता है, उसे वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- जब वाक्य के अंत में है, हैं, हूँ, हो आदि शब्द आते है तब वर्तमान काल होता है।  

उदाहरण-  

  • गीता शहर जाती है। 
  • रमेश पढ़ाई कर रहा है। 
  • वह दिल्ली जा चुका है। 

वर्तमान काल के छः प्रकार होते है-

  1. सामान्य वर्तमान काल ( Simple Present Tense ) 
  2. अपूर्ण/तात्कालिक वर्तमान काल ( Present Continuous/Imperfect Tense ) 
  3. पूर्ण वर्तमान काल ( Present Perfect Tense ) 
  4. संदिग्ध वर्तमान काल ( Present Subjunctive/Uncertain Tense ) 
  5. संभाव्य वर्तमान काल ( Present Probable  Tense ) 
  6. पूर्ण सातत्य वर्तमान काल ( Present Perfect Continuous Tense ) 
1. सामान्य वर्तमान काल ( Simple Present Tense ) 

जब वाक्य में सामान्य दिनचर्या में होने वाले कार्य/क्रिया/घटना क्रम का बोध होता है, तब उसे सामान्य वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ता/ते/ती और है/हैं/हूँ आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाता है। 
  • राधा पढ़ती है। 
  • रमेश घूमता है। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाती है। 
  • श्याम मुरली बजाता है। 
 
2. अपूर्ण/तात्कालिक वर्तमान काल ( Present Imperfect/Continuous Tense )

जब वाक्य में अभी होने वाले कार्य/क्रिया का बोध होता है, तब उसे अपूर्ण/तात्कालिक वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में रहा/रही/रहे के बाद है/हैं/हूँ/हो आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खा रहा है। 
  • राधा पढ़ रही है। 
  • रमेश घूम रहा है। 
  • श्रद्धा पढ़ने जा रही है। 
  • श्याम मुरली बजा रहा है। 
3. पूर्ण वर्तमान काल ( Present Perfect Tense ) 

जब वाक्य में अभी-अभी कार्य/क्रिया के सम्पन्न/पूर्ण होने का बोध होता है, तब उसे पूर्ण वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में चुका/चुकी/चुके के बाद है/हैं/हूँ आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खा चुका है। 
  • राधा पढ़ चुकी है। 
  • रमेश घूम चुका है। 
  • श्रद्धा पढ़ने जा चुकी है। 
  • श्याम मुरली बजा चुका है। 
4. संदिग्ध वर्तमान काल ( Present Subjunctive/Uncertain Tense ) 

जब वाक्य में, वर्तमान काल में कार्य/क्रिया के सम्पन्न/पूर्ण पर संदेह हो, तब उसे संदिग्ध वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में चुका/चुकी/चुके के बाद होगा/होगी/होंगी/होंगे आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खा चुका होगा। 
  • राधा पढ़ चुकी होगी। 
  • रमेश घूम चुका होगा। 
  • श्रद्धा पढ़ने जा चुकी होगी। 
  • श्याम मुरली बजा चुका होगा। 
5. संभाव्य वर्तमान काल ( Present Probable  Tense ) 

जब वाक्य में, वर्तमान काल में कार्य/क्रिया के होने की संभावना होती है, तब उसे संभाव्य वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ता/ते/ती + हो आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाता हो। 
  • राधा पढ़ती हो। 
  • रमेश घूमता हो। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाती हो। 
  • श्याम मुरली बजाता हो। 
6.पूर्ण सातत्य वर्तमान काल ( Present Perfect Continuous Tense ) 

जब वाक्य में, पहले से शुरू हुआ कार्य/क्रिया लगातार चल रहा हो, तब उसे पूर्ण सातत्य वर्तमान काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ता/ते/ती + रहा है/रही है/रहे हैं आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाता रहा है। 
  • राधा पढ़ती रही है। 
  • रमेश घूमता रहा है। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाती रही है। 
  • श्याम मुरली बजाता रहा है। 

2. भूत काल (PAST TENSE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय (भूतकाल) में, कार्य की पूर्णता/अपूर्णता का बोध होता है, उसे भूत काल कहते हैं। 

पहचान- जब वाक्य के अंत में या/यी/ये/आ/ई/ए/था/थे/थी/चुका था/चुकी थी/चुके थे/होगा/होगी/होगे आदि शब्द आते है और बीते समय में कार्य समाप्त हो चुका होता है, तब भूत काल होता है।  

उदाहरण-  

  • गीता शहर जाती थी। 
  • रमेश पढ़ाई कर रहा होगा। 
  • वह दिल्ली जा चुका होगा। 

भूत काल के छः प्रकार होते है-

  1. सामान्य भूत काल ( Simple Past Tense ) 
  2. आसन्न भूत काल ( Recent Past Tense ) 
  3. पूर्ण भूत काल (Past Perfect Tense ) 
  4. अपूर्ण भूत काल (Past Continuous Tense )
  5. संदिग्ध भूत काल ( Doubtful Past Tense ) 
  6. हेतु-हेतुमद् भूत काल ( Conditional Past Tense ) 
1. सामान्य भूत काल ( Simple Past Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य/क्रिया के होने का बोध होता है, तब उसे सामान्य भूत काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु+आ/ए/ई/या/ये/यी) या ( धातु + चुका/चुकी/चुके ) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाया। 
  • राधा पढ़ी। 
  • रमेश घूमने गया। 
  • श्रद्धा पढ़ने जा चुकी। 
  • श्याम मुरली बजा चुका। 
 
2. आसन्न भूत काल ( Recent Past Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया के अभी-अभी समाप्त होने का बोध होता है, तब उसे आसन्न भूत काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु + आ/ए/ई/या/ये/यी + है/हैं/हूँया ( धातु + चुका है /चुकी है /चुके हैं ) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाया है। 
  • राधा पढ़ चुकी है। 
  • रमेश घूमा है। 
  • श्रद्धा पढ़ने गयी है। 
  • श्याम मुरली बजा चुका है। 
3. पूर्ण भूत काल (Past Perfect Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया के बहुत देर पहले पूर्ण होने का बोध होता है, तब उसे पूर्ण भूत काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु + आ/ए/ई/या/ये/यी/चुका/चुकी/चुके+ था/थी/थे) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाया था। 
  • राधा पढ़ चुकी थी। 
  • रमेश घूमा था। 
  • श्रद्धा पढ़ने गयी थी। 
  • श्याम मुरली बजा चुका था। 
4. अपूर्ण भूत काल (Past Continuous Tense )

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया बीते समय में जारी रही थी, इस बात का बोध हो, तब इसे अपूर्ण भूत काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु + रहा/रही/रहे/ता/ते/ती + था/थी/थे) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खा रहा था। 
  • राधा पढ़ती थी। 
  • रमेश घूम रहा था। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाती थी। 
  • श्याम मुरली बजा रहा था। 
5. संदिग्ध भूत काल ( Doubtful Past Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया के बीते हुए समय में होने पर संदेह होता है, तब उसे संदिग्ध भूत काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु + आ/ए/ई/या/ये/यी + होगा/होगी/होगे) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाया होगा। 
  • राधा पढ़ी होगी। 
  • रमेश घूमा होगा। 
  • श्रद्धा पढ़ने गयी होगी। 
  • श्याम ने मुरली बजायी होगी। 
6. हेतु-हेतुमद् भूत काल ( Conditional Past Tense )

जब वाक्य में बीते हुए समय में कार्य/क्रिया का होना किसी कारण पर आधारित हो, तब उसे हेतु-हेतुमद् भूत काल कहते हैं। 

उदाहरण-  

  • वह खाना खाता, तो भूखा नहीं सोता। 
  • राधा पढ़ती तो पास हो जाती। 
  • श्रद्धा पढ़ने गयी होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। 
  • श्याम ने मुरली बजायी होती तो आनंद ही आनंद होता। 

3. भविष्यत् काल (FUTURE TENSE)-

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से आने वाले समय (भविष्य) में, कार्य के होने का बोध होता है, उसे भविष्यत् काल कहते हैं। 

पहचान- जब वाक्य के अंत में गा/गी/गे और भविष्य में कार्य के होने का बोध होता है, तब भविष्यत् काल होता है।  

उदाहरण-  

  • गीता शहर जाएगी। 
  • रमेश पढ़ाई करेगा। 
  • वह दिल्ली जाएगा। 

भविष्यत् काल के चार प्रकार होते है-

  1. सामान्य भविष्यत् काल ( Simple Future Tense ) 
  2. संभाव्य भविष्यत् काल ( Probable Future Tense ) 
  3. सातत्य बोधक भविष्यत् काल (Future Continuous Tense ) 
  4. हेतु-हेतुमद् भविष्यत् काल ( Conditional Future Tense ) 
1. सामान्य भविष्यत् काल ( Simple Future Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से आने वाले समय (भविष्य) में कार्य/क्रिया के होने का बोध होता है, तब उसे सामान्य भविष्यत् काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( धातु+गा/गे/गी ) शब्द आते है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाएगा। 
  • राधा पढ़ेगी। 
  • रमेश घूमेगा। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाएगी। 
  • श्याम मुरली बजाएगा। 
 
2. संभाव्य भविष्यत् काल ( Probable Future Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया के भविष्य में होने की संभावना का बोध होता है, तब उसे संभाव्य भविष्यत् काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य में शायद/ संभव/ संभवतः आदि शब्द आते हैं तथा धातु में ए जोड़कर क्रिया बनायी जाती है।  

उदाहरण-  

  • शायद वह खाना खाये। 
  • संभवतः राधा पढ़े। 
  • संभव है कि रमेश घूमे। 
  • शायद श्रद्धा पढ़ने जाए। 
  • शायद श्याम मुरली बजाए। 
3. सातत्य बोधक भविष्यत् काल (Future Continuous Tense ) 

वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कार्य/क्रिया के भविष्य में जारी रहने का बोध हो, तब उसे सातत्य बोधक भविष्यत् काल कहते हैं। 

पहचान- वाक्य के अंत में ( सामान्य क्रिया + रहेगा/रहेगी/रहेंगे) आता है।  

उदाहरण-  

  • वह खाना खाता रहेगा। 
  • राधा पढ़ती रहेगी। 
  • रमेश घूमता रहेगा। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाती रहेगी। 
  • श्याम मुरली बजाता रहेगा। 
4. हेतु-हेतुमद् भविष्यत् काल ( Conditional Future Tense ) 

जब वाक्य में आने वाले समय में कार्य/क्रिया का होना किसी कारण पर आधारित हो, तब उसे हेतु-हेतुमद् भविष्यत् काल कहते हैं। 

उदाहरण-  

  • वह खाना खाए तो पहलवान हो जाए। 
  • राधा पढ़े तो होशियार हो जाए। 
  • रमेश घूमे तो ज्ञानी बन जाए। 
  • श्रद्धा पढ़ने जाए तो घर में शांती रहे। 
  • श्याम मुरली बजाए तो आनंद ही आनंद हो। 

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